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प्रथम प्रवेश परीक्षा दिनांक 05 अप्रेल 2020 में तिथि संशोधन

दिनांक 05 अप्रेल 2020 को सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय शिवपुरी में आयोजित होने वाली प्रथम प्रवेश परीक्षा को कोविड-19 के कारण किए गए लाॅक डाउन के चलते निरस्त किया जाता है। आगामी प्रवेश चयन परीक्षा की तिथि से पुनः अवगत कराया जावेगा।

बसंत पंचमी पर सरस्वती शिशु मंदिर गणेश कॉलोनी में शिशुओं का विद्यारंभ संस्कार

शिवपुरी – विद्याभारती मध्यभारत प्रान्त की योजनान्तर्गत सरस्वती शिशु मंदिर गणेश कॉलोनी (विद्यापीठ परिसर) में बसंत पंचमी के पावन पर्व पर विद्यारम्भ संस्कार पूर्ण वैदिक पद्धति के साथ किया गया इस दौरान विद्यालय में यज्ञ किया गया तथा 3 से 5 वर्ष के शिशुओं का विद्यारम्भ संस्कार किया गया ।
इस अवसर पर सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय के प्रबंधक श्री ज्ञानसिंह कौरव ने उपस्थित अभिभावकों को सम्बोधित करते हुए विद्यारम्भ संस्कार के महत्व को बताते हुए कहा कि भारतीय जीवन दर्शन में मनुष्य की जीवन यात्रा जन्म से लेकर मृत्यु पर्यन्त चलती है । इस यात्रा में मनुष्य को अनेक परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है । जीवन की इन बदलती परिस्थितियों में जीवन निर्वाह के लिए ऋषि-मुनियों ने कुछ विधि-विधान बताए हैं जिनका पालन करने से जीवन सुखमय बनता है शास्त्रों में इन नियमों को संस्कार नाम दिया गया है मनुष्य जीवन में में ऐसे सोलह संस्कार होते हैं उनमें से एक है ‘विद्यारम्भ संस्कार’ । हिन्दू धर्म के अनुसार विद्यारम्भ संस्कार अति आवश्यक माना गया है ।
इस अवसर पर यज्ञ के यजमान के रूप में नव अभिभावक रहे ।
इसी सनातन परंपरा का निर्वहन करने के लिए सरस्वती शिशु मंदिर गणेश कॉलोनी (विद्यापीठ परिसर) में यह आयोजन किया गया है ।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव द्वारा आभार व्यक्त किया गया ।
इस अवसर पर विद्यालय के श्री पवन शर्मा सहित विद्यालय स्टाफ , भैया बहिन, अभिभावक एवं नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे ।

सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय में आज बसन्त पंचमी के पावन पर्व पर यज्ञ किया गया तथा सभी भैयाओं ने सरस्वती पूजन किया ।

सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय में आज बसन्त पंचमी के पावन पर्व पर यज्ञ किया गया तथा सभी भैयाओं ने सरस्वती पूजन किया ।
इस दौरान प्राचार्य श्री पवन शर्मा द्वारा बसन्त पंचमी का महत्व पर प्रकाश डाला गया ।

सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय में नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती मनाई गई

आज सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय में नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती मनाई गई इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री अजय राजपूत जिला कार्यवाह रा. स्व. संघ शिवपुरी अध्यक्षता श्री अतुल शर्मा जिला सम्पर्क प्रमुख जिला शिवपुरी रहे साथ ही सूर्य नमस्कार महायज्ञ का समापन किया गया जिसमें विद्यालय परिवार द्वारा सूर्य नमस्कार लगाए गए । 

सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय में मनाया गया 31वां सड़क सुरक्षा सप्ताह

31वे सड़क सुरक्षा सप्ताह के समापन समारोह में सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय के भैयाओं को माननीय पुलिस अधीक्षक महोदय श्री राजेश जी चंदेल द्वारा किया गया सम्मानित ।

सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय में शारीरिक प्रकट समारोह आयोजित

शिवपुरी – सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय में वार्षिक शारीरिक प्रकट समारोह का आयोजन किया गया जिसमें भैयाओं के द्वारा शारीरिक एवं साहसिक प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री रूपेश जी विश्वकर्मा विभाग समन्वयक शिवपुरी विभाग विद्याभारती मध्यभारत प्रान्त , विशिष्ट अतिथि श्री रघुवीर जी श्रीवास तथा अध्यक्ष ज्ञान सिंह कौरव प्रबंधक सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर मार्ल्यापण एवं दीप प्रज्वलन के साथ सरस्वती वंदना के साथ किया गया।
अतिथियों का परिचय आचार्य श्री पुरुषोत्तम जी शर्मा एवं स्वागत आचार्य श्री उदयवीर जी विश्वकर्मा और श्री नंदकिशोर जी शर्मा द्वारा तिलक लगाकर तथा श्रीफल भेंट कर किया गया। इस दौरान प्राचार्य श्री पवन जी शर्मा के द्वारा कार्यक्रम की भूमिका को प्रस्तुत किया गया।
विद्यालय के भैयाओं के द्वारा योगासन, पिरामिड ,मार्शल आर्ट, योगचाप, दण्ड चालन, समता, घोष वादन, तलवार चालन, व्यायाम योग, तीरंदाजी आदि की विभिन्न रचनाओं एवं साहसिक प्रदर्शन के साथ अवतरण, व्यक्तिगत एवं सामूहिक गीत प्रस्तुत किये गए।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि की आसंदी से श्री विश्वकर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि विद्याभारती में अध्ययन के दौरान छात्रों के सर्वांगीण विकास हेतु इस शारीरिक प्रकट समारोह का आयोजन किया गया है भारतीय शिक्षा प्रणाली के द्वारा एक युवा पीढ़ी का निर्माण करना , शारीरिक शिक्षण विद्याभारती शिक्षा संस्थानों में पाठ्यक्रम का एक भाग है साथ ही बालक के निर्माण व जीवन निर्माण में जिन गुणों की आवश्यकता होती है उन सभी गुणों का विकास शारीरिक शिक्षण द्वारा ही संभव है स्वस्थ्य शरीर में ही स्वस्थ्य मस्तिष्क का वास होता है छात्रों को अपने लक्ष्य को सदैव याद रखना चाहिए तथा जीवन में एकजुटता और सहयोग की भावना के साथ शारीरिक रूप से सबल होना चाहिए । यह प्रदर्शन हमें हमारी संस्कृति से जोड़ते हैं इस प्रकार के आयोजन से छात्रों में शारीरिक क्षमता का विकास होता है जो विद्यापीठ में सर्वांगीण विकास की ओर सदैव तत्पर रहते है। साथ ही विभिन्न राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले भैयाओं को मैडल एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन आचार्य श्री रमेशचंद रावत द्वारा एवं अंत में आचार्य श्री मनोज जी चौहान ने आभार व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर विद्यापीठ के समस्त छात्र, अभिभावक, नगर के गणमान्य नागरिक और पत्रकार बन्धु उपस्थित रहे।

जिला प्रधानाचार्य एवं शिशु वाटिका प्रमुख बैठक

जिला प्रधानाचार्य एवं शिशु वाटिका प्रमुख बैठक (शिवपुरी एवं श्योपुर) को सम्बोधित करते हुए प्रान्तीय संगठन मंत्री श्री हितानंद जी शर्मा , विभाग समन्वयक श्री रूपेश जी विश्वकर्मा एवं सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय के प्रबंधक श्री ज्ञानसिंह कौरव जी ।

सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय के पूर्व छात्र सम्मेलन में देश विदेश से आये पूर्व छात्र

शिवपुरी – आज का दिन सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय के लिए गौरवपूर्ण क्षणों में से एक था क्योंकि आज एक स्वपोषी भैयाओं का भव्य पूर्वछात्र सम्मेलन का आयोजन विद्यालय में हुआ जिसमें 1986 से वर्तमान तक के अधिकांश भैयाओं ने हिस्सा लिया।
उन्होंने अपने विद्यालयीन काल के संस्मरण रखे जिससे पूरा सदन भावुक हो गया उन्होंने अपने-अपने संस्मरणों के साथ ये भी बताया कि आज गीत, सरस्वती वंदना व भोजन मंत्र करके वे बहुत ही ज्यादा रोमांचित एवं भावुक हुए क्योंकि इतने वर्षों के बाद इस प्रांगण में आकर वे अपना बचपन महसूस कर रहे थे साथ ही जब वह लंबे समय के बाद विद्यालय आये तो अपने संस्मरणों में बताया कि यह वास्तव में मानव निर्माण करने वाली पुण्य भूमि है जहाँ आचार्य परिवार अपने बच्चों की तरह हमारा ध्यान रखते हैं , यहाँ प्राप्त हुए संस्कार जीवन पर्यन्त स्मरणीय रहेंगें ।
भैयाओं ने अपने संस्मरणों में आचार्य श्री रामपाल तिवारी, श्री गोपाल सिंह राठौड़, श्री राजेन्द्र चतुर्वेदी, श्री पुरुषोत्तम शर्मा , श्री देशबंधु गौतम सहित सभी आचार्यों के प्रति अपनी कृतज्ञता ज्ञापित की ।
भैयाओं को उनके अतीत से जोड़ता एक चलचित्र भी उन्हें दिखाया गया जिसे देखकर वे अत्यंत रोमांचित व उत्साहित हुए ।
विद्यालय के पूर्व छात्रों में न केवल देश में अपितु विदेशों में भी कार्यरत हैं उनमें से कोई पुलिस अधीक्षक, न्यायाधीश, सेना में अधिकारी, व्यापारी, शिक्षक, इंजीनियर, डॉक्टर , वैज्ञानिक तो कोई जनसेवक, कृषक आदि स्थानों पर रहकर अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं ।
पूर्वछात्र सम्मेलन में मुख्य अतिथि व मुख्य वक्ता के रूप में विद्याभारती मध्यभारत प्रान्त के संगठन मंत्री श्री हितानंद शर्मा जी , अध्यक्षता सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान मध्यप्रदेश के अध्यक्ष श्री शिरोमणि दुबे जी द्वारा की गई , इस अवसर पर शिवपुरी विभाग समन्वयक श्री रूपेश विश्वकर्मा एवं विद्यालय के प्रबंधक श्री ज्ञानसिंह कौरव जी विद्यालय के प्राचार्य श्री पवन शर्मा जी कार्यक्रम के दौरान मंच पर उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए श्री हितानंद जी ने कहा कि आज हमारा भारत मृत्युंजय भारत है , इस वैचारिक संघर्ष में मेरी क्या भूमिका है इस विषय पर विचार करने आवश्यकता है राष्ट्र हित में अपने विचारों को साझा करना है यही अपना परम कार्य है ।
विद्यालय की ओर से सभी छात्रों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए तथा पूरा कार्यक्रम पूर्व छात्रों के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुआ ।
इसी के साथ ही कार्यक्रम का सफल संचालनपूर्व छात्र भैया प्रदीप निरंजन द्वारा किया गया ।
इस पूर्वछात्र सम्मेलन को भव्य व दिव्य एवं सफल बनाने के लिए सभी आये हुए पूर्वछात्रों के प्रति विद्यालय के प्राचार्य श्री पवन शर्मा द्वारा बधाईयां, शुभकामनाएं एवं आभार व्यक्त किया गया ।